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मेष :- व्यस्तता भरा माह है. आर्थिक, सामाजिक व पारिवारिक कार्य पूर्ण होंगें. 19 जून के पश्चात घरेलू स्तर पर कुछ परेशानियों का सामना अवश्य करना पडेगा परन्तु व्यवसायिक कार्य पूर्ण होंगें. यदि आप नौकरी में हैं तो सूर्यदेव पदस्थापन दिलाने वाले है. शुक्र जहाँ आपकी परेशानियों को नियन्त्रित कर रहा है, वहीं आपको मित्र सुख व नवीन वस्त्रादि पर व्यय करने को प्रेरित कर रहा है. यात्रा-भ्रमण एवं भौतिक सुख संसाधनों पर व्यय की मात्रा बढी रहेगी.
शुभ तिथियाँ:- 2,3,7,9,10,15,25,30
अशुभ तिथियाँ:- 6,8,13,18,24,28
उपाय:-
(1) प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार के दिन संध्या समय श्री सुन्दरकांड का पाठ करें.
(2) प्रात: मीठा खाकर एवं पानी पीकर ही घर से प्रस्थान किया करें.

वृषभ:- किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए तीव्र परिश्रम करना पडेगा. व्यवसायिक लाभ मिलेंगें. 4 से 11 जून की मध्यावधि में नैतिक-अनैतिक सोच और भौतिक परिवेश में तालमेल बना पाने में स्वयं को असमर्थ पायेंगें. शत्रुकृत गतिविधियाँ मानसिक चिन्ता एवं परेशानी का कारण बनने वाली हैं. माह के उतरार्द्ध में रचनात्मक कार्य बनने लगेंगें. भू-सम्पति के क्रय-विक्रय से जुडे जातकों को यथेष्ठ लाभ प्राप्ति के चन्द अवसर उपलब्ध होंगें. इसके अतिरिक्त विदेश जाने के इच्छुक जातक यदि अपने प्रयास में थोडी तीव्रता ला सकें तो यह माह उनकी इच्छापूर्ती हेतु अति महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है.
शुभ तिथियाँ:- 1,5,10,12,23,24,29
अशुभ तिथियाँ:- 2,3,13,16,18,19,26
उपाय:-
(1) "ॐ तत्वनिरंजनाय तारकरामाय नम:" मन्त्र का जाप करें.
(2) प्रत्येक गुरूवार के दिन पीली खाद्य वस्तु का दान अवश्य करते रहें.