कैसा रहेगा आपके लिए बृहस्पति का मीन राशि में आगमन (jupiter's transit into pisces)

विगत सप्ताह दिनाँक 6 दिसंबर को देवगुरू बृहस्पति का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण और मीन राशि में प्रवेश हुआ है. मीन राशि जो कि बृहस्पति ग्रह की अपनी स्वयं की राशि है. 8 मई 2011 तक वो इस राशि में ही संचार करेंगें. इस समय मीनस्थ बृहस्पति पर शनि ग्रह की पूर्ण दृष्टि भी पड रही है.वैश्विक तौर पर धार्मिक, राजनैतिक एवं न्यायिक पक्ष पर बृहस्पति का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिलेगा. 6 जनवरी 2011 को गुरू के उतराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के पश्चात व्यवसायिक पक्ष में कृषि सम्बन्धी उत्पादों के मूल्यों में बढोतरी एवं विलासिता की साम्रगी में नरमी का दौर भी देखने को मिलेगा. जनवरी 6 से 13 के मध्य राष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रमुख व्यक्ति के निधन से शोक व्याप्त होने एवं पश्चिमोतर दिशा में कहीं भूकम्प इत्यादि प्राकृतिक आपदा अथवा वायुयान दुर्घटना आदि से जनधनहानि का भी योग निर्मित हो रहा है.
अब जानिये कि व्यक्तिगत रूप में आपके लिए बृहस्पति का मीन राशि में आगमन किस प्रकार के फलों को देने वाला रहेगा....  

अश्विनी नक्षत्र:- बृहस्पति की इस स्थिति से व्यर्थ के विवाद से मान अपमान का भय होना अश्विनी नक्षत्र में उत्पन्न जातकों की परेशानी का कारण सिद्ध होने वाला है.आप स्वयं चाहे विश्वासघाती हो या न हों, परन्तु दूसरे किसी अन्य से विश्वासघात का सामना जरूर करना पडेगा. किसी गलत व्यक्ति के दुराचरण पर चिडचिडा मिजाज, वायुरोग से पीडा, चंचल मन, दूरस्थान की यात्रा का संयोग इत्यादि फल प्राप्त होंगें. विद्यार्थियों को विद्याध्ययन में कमजोरी महसूस होगी.

भरणी नक्षत्र:-मीनस्थ बृहस्पति आप लोगों के लिए शुभफलदायी रहने वाला है. धन सम्बंधी कोई नवीन योजना बनेंगीं, जो कि आगे चलकर सफलीभूत भी होने वाली हैं. निज व्यक्तित्व के आकर्षण में वृद्धि होगी, जिसके कारण प्राय: सम्पर्क में आने वाला व्यक्ति बिना स्वार्थ के भी आपसे प्रभावित होते रहेंगें. किसी प्रतिस्पर्द्धा में विजय प्राप्ति का सुयोग निर्मित हो रहा है. इस समयावधि में आपकी बढी हुई कर्मशक्ति विध्नरूपी विशाल समुद्र को पार कराने वाली नौका सिद्ध होने वाली है.

कृतिका नक्षत्र:- कार्य-व्यवसाय से संबंधित किसी लंबी यात्रा का संयोग निर्मित होगा। जीवनसाथी से शारीरिक, मानसिक संतोष के साथ ही कुटुम्बीजनों की ओर से भी भरपूर सहयोग प्राप्त होगा.भूमी/भवन/वाहन अथवा अन्य किसी विलासितापूर्ती के साधन हेतु ऋण का भार भी वहन करना पडेगा. इस अवधि में आपकी महत्वाकांक्षाएं बढी रहेंगी.

रोहिणी नक्षत्र:- आपके लिए बृहस्पति की ये स्थिति विशेष शुभफलदायी सिद्ध होगी. आय के साधनों में बढोतरी के साथ ही लाभ पक्ष में भी मनोनुकुल सफलता प्राप्त होगी. किन्ही विद्युतीय उपकरणों की खरीदारी पर धन का व्यय होगा. Technical Work से जुडे जातक अपने कार्य में विशेष ख्याति प्राप्त करेंगें.

मृगशिरा नक्षत्र:- इस नक्षत्र में जन्मे जातकों पर बृहस्पति की स्थिति का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा. दैनिक कार्यों में भी किसी बदलाव के कोई योग नही है. समय पूर्वानुसार ही व्यतीत होगा.हाँ, किसी कार्य विशेष में परिश्रम पहले से कहीं अधिक करना पडेगा. मन में छिपाव की भावना बलवान होगी.

आद्रा नक्षत्र:- बृहस्पति की ये स्थिति आपके लिए चलते हुए और लडते हुए एक मुसाफिर की तरह संघर्षमय व्यतीत होगी. इस समय के अधिकाँश भाग में आपको सुखोपभोग के साधनों में न्यूनता का सामना करना पडेगा. स्वभाव एकदम से तुनकमिजाजी रहेगा. अक्सर रविवार की रात्रि में और मंगलवार को प्रात:काल के समय क्रोध एवं मानसिक दुश्चिन्ता बढती हुई प्रतीत होगी इस अवधि में पारिवारिक व व्यापारिक जीवन की नवीनतम रूचियों को स्थगित करना ही आपके लिए अधिक उत्तम रहेगा.

पुनर्वसु नक्षत्र:-आप लोगों पर बृहस्पति की इस स्थिति का अच्छा प्रभाव रहेगा. मन प्रफुल्लित रहेगा. व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लेने के योग बनेंगे. शारीरिक सुख भी अच्छा रहेगा. इस समयावधि में आप स्वयं को पूरी तरह से ऊर्जावान महसूस करेंगे. नित्य के काम-धंधों में सफलता और बरक्कत प्राप्त होगी. किसी भी कार्य में आपकी भूमिका व तल्लीनता प्रशंसनीय रहेगी.

पुष्य नक्षत्र:- इस नक्षत्र के जातकों को सिर्फ एक ही बात कहना चाहूँगा कि अपने सिद्धान्तों पर भाग्य को तोलना बन्द कीजिए, आत्मा की आवाज सुनते हुए, सही मार्ग को अपनाकर कार्य करते जाएं, तो समझिए कि इस अवधि में आपके द्वारा किसी भी क्षेत्र में किए गए प्रयत्नों के फलस्वरूप सफलता मिलनी निश्चित है.

आश्लेषा नक्षत्र:- इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जो जातक विशेषत: कपडा, कागज, लेखन-सामग्री, चिकित्सा, खाद्य पदार्थ अथवा सौन्दर्य पदार्थों सम्बन्धित किसी क्षेत्र में नौकरी-व्यापार से जुडे हुए हैं. अन्यों की अपेक्षा उनके लिए ये समय विशेष लाभदायक सिद्ध होने वाला है.परन्तु मन में किसी न किसी बात के प्रति सन्देह, शंका की भावना बनी रहेगी.

मघा नक्षत्र:- इस समयावधि में आपका मन चंचल और चिन्तित रहेगा. छोटी-मोटी यात्रा या स्थानान्तरण में छोटी-बडी दुर्घटना का कुयोग है. कारोबार-नौकरी में कुछेक उलझनों का सामना भी करना पडेगा. अपने अज्ञान को दूर करने तथा उत्तम ज्ञान- शक्ति प्राप्त करने हेतु समय श्रेष्ट है. विद्यार्थियों के लिए ये समय अच्छा रहेगा.  

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र:- अपने कार्यों में थोडी सफलता भी मिलने पर संतोष की साँस लेना, अपने कर्तव्य से बेफिकर, प्रेमवश अधिक खर्च करने की प्रवृति, विद्यार्जन में सफलता, व्यापार कार्यों में कुशलता----समझ लीजिए कि देवगुरू बृहस्पति अपनी झोली में आपके लिए यही फल लेकर आए हैं.

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र:- इस नक्षत्र के जातकों के लिए बृहस्पति लेकर आए हैं-- दिमागी कार्य की वृद्धि, बुद्धि का विकास, नये-नये कामों की ओर झुकाव तथा छोटे-बडे कईं नए व्यक्तियों से मित्रता और जीवन में किसी परस्त्री/परपुरूष का आगमन. गर्दन, गला, आँख अथवा बायें पैर में रोग/चोट का सामना भी अवश्य करना पडेगा.विज्ञान सम्बन्धी विषयों में रूचि रखने वाले जातकों को अपने प्रयत्नों में ऎच्छिक सफलता प्राप्त होगी.

हस्त नक्षत्र:- आप लोगों के लिए यह समय पुराने किसी ऋण से मुक्ति, रोग से छुटकारा, धार्मिक कार्यों में संलग्नता, निज परिवार और आस-पडोस में मान सम्मान प्रदान करने वाला रहेगा. पैसा खर्च करने में कंजूसी रहेगी. सो, जमापूंजी में बढोतरी होना तो तय है. ये समझ लीजिए कि आपके किसी नौकर/सहायक के साथ छोडने का समय भी निकट आ चुका है.


चित्रा नक्षत्र:- बृहस्पति की इस स्थितिवश कुछ भी देखकर तुरन्त लालायित हो जाना और पसन्द आई वस्तु को हठात हासिल करने की प्रवृति आपमें जोर मारने लगेगी. दूसरों के धन को पाने का इरादा रखेंगें तो नाकामी मिलनी तय समझिए. आलस्य से बचना, भरसक पूर्ण परिश्रम करते रहना, पराये धन के प्रति लोभ का संवरण करना, स्वकीय श्रमोपार्जित द्रव्य-संचय में प्रयत्नशील रहना ही ज्योतिषशास्त्र की दृष्टि से आपके लिए अनिवार्य शिक्षा है. अन्यथा इस बृहस्पति की वजह से आपको लेने के देने पड जाएंगें.


स्वाति नक्षत्र:- व्यापारिक कार्यों में आवश्यक सफलता मिलने से साख में वृद्धि होगी. यदि आप नौकरी-जीवी हैं तो अपने स्वामी या अधिकारी वर्ग का विश्वास प्राप्त करके उनका दिल जीतनें में सफल हो जायेंगें, जिससे पदोन्नति और अधिकार-प्राप्ति में सुविधा रहेगी. यदि आप शेयर इत्यादि में रूचि रखते हैं तो आपके द्वारा पूर्व में किया गया कोई निवेश इस समय फायदे का सौदा सिद्ध होने वाला है. किन्तु ननिहाल पक्ष की ओर से कोई अशुभ समाचार सुनने को मिल सकता है.

क्रमश:-------
***विशाखा से रेवती प्रयन्त अन्य 12 नक्षत्रों का फल आप जान सकते हैं आप आगामी पोस्ट में........