मासिक भविष्यफल----अक्तूबर 2010

यह मासिक भविष्यफल जन्मराशि पर आधारित है । अत: सटीक फलादेश के लिए नामराशि की अपेक्षा अपनी जन्मराशि के अनुसार ही इसे पढें । यदि किसी को अपनी जन्मराशि की जानकारी नहीं है,तो,टिप्पणी अथवा ईमेल के जरिए अपना जन्मविवरण भेज कर अपनी राशि पता कर सकते हैं ।

मेष राशी:- व्‍यावसायिक दृष्टिकोण से यह माह आपके लिए मिश्रित फलदायी रहेगा। आप व्‍यावसायिक विस्‍तार की योजना बनाकर नए लोगों को जोड़ना चाहते हैं जिनमें से कुछ आपके साथ जुड़ेंगे और उनका कार्य–संपादन आपको ऊंचे व्‍यावसायिक लेन–देन की ओर उन्‍मुख कर देगा। यदि आप नौकरीपेशा हैं तो आपसे जुड़ने वाले सभी लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। मान-प्रतिष्‍ठा में वृद्धि होगी और पद संबंधी कोई नवीन जिम्‍मेदारियां आपको सौंपी जा सकती है। इलैक्‍टानिंक वस्‍तुएं तथा अन्य सुखोपभोग की सामग्री पर व्यय करना पडेगा। साथ ही भूमि के क्रय–विक्रय से जुड़े मामलों में भी लाभ के योग निर्मित हो रहे हैं। आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत बनी रहेगी । वित्त, एवं लेखन क्षेत्र से जुडे व्यक्तियों को विशेष धन लाभ तथा मान-सम्मान प्राप्त होगा । किन्तु मास के मध्य भाग में पुराने किसी निवेश से हानि की संभावनाएं बन रही हैं, अतैव सचेत रहें।
शुभ दिवस:-1,5,11,18,19,25,27
अशुभ दिवस:-8,10,13,22,26,30
उपाय:- "ॐ नारायणाय सुरसिंहासनाय नम:" मंत्र का नित्यप्रति जाप करें। दोनों पक्ष की अष्टमी तिथि को नारियल का दान करें
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वृ्ष राशी:- आपके लिए अस्वाभाविक तौर पर कडी मेहनतकरने के साथ ही लक्ष्यों पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने और संभवत: लक्ष्य के प्रति एकनिष्ठ होने का समय है। दलाली, इलैक्ट्रानिक, एजेंसियों व वितरण के कारोबार में लगे व्यक्ति इस समयावधि में बढिया मुनाफा कमा पाएंगें। निजी रिश्तों में भी अब पहले से अधिक महसूस करेंगें। कुटुम्बीजन तथा आपके शुभचिन्तक आपके मामलों में सक्रिय दिलचस्पी लेंगें। 14 से 16 तारीख के मध्य यथासंभव किसी यात्रा-भ्रमण से दूर रहें, अन्यथा ये समयावधि आपके लिए शारीरिक एवं मानसिक कष्टादि में ही व्यतीत होने वाली है। आप जमीन-जायदाद खरीदने अथवा किसी निर्माणकार्य के बारे में सोच सकते हैं। कुल मिलाकर यह समय आपके व्यक्तित्व के आकर्षण और जीवन की श्रेष्ठ वस्तुओं के प्रति रूझान का है। किसी प्रकार का जोखिम उठाने के लिए भी यह बहुत अच्छा समय सिद्ध होने वाला है।
शुभ दिवस :-2,4,5,7,9,10,11,23,25,29,30
अशुभ दिवस :- 6,14,15,16,19,20
उपाय:- "ॐ नम: गणेश विघ्नेश गिरिजा नंदन प्रभु मम सर्व विध्न विनाशाय गणाधिपतये नम:" मंत्र का नियमित रूप से जाप करते रहें
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मिथुन राशी:- आपके लिए इस माह का प्रारंभ सामान्यतय: शुभता से ही भरा होगा। पारिवारिक एवं व्यवसायिक तौर पर एक तरह से संतुष्टी का भाव रहेगा अर्थात न विशेष लाभ न हानि जैसी स्थिति रहेगी। फिर भी एक प्रकार से मन में प्रसन्नता की अनुभूती होती रहेगी। कुटुम्बीजनों एवं इष्ट-मित्रों का सहयोग मिलेगा। 13 तारीख के बाद कोई विवाद समाप्त होता दिखाई दे रहा है। तारीख 16 से 23 के मध्य परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थय को लेकर थोडी चिन्ता अवश्य रहेगी। जल्दबाजी में लिया गया किसी भी प्रकार का निर्णय आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है, अतैव कोई भी निर्णय बहुत सोच विचार कर ही लें। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगें तथा संतानपक्ष की ओर से भी स्थिति सामान्य ही रहेगी। 22 तारीख के पश्चात डेयरी उद्योग, शिक्षा एवं स्वास्थय क्षेत्र से संबंधित व्यक्ति किन्ही कारणवश मानसिक रूप से थोडी निराशा अनुभव करेंगें।
शुभ दिवस :- 4,5,7,18,19,20,21,29
अशुभ दिवस :-9,12,13,14,17,22,28
उपाय:- रविवार के दिन निराहार रहें अथवा सिर्फ मीठे का ही सेवन करें।  "श्री कमला स्त्रोत्र" का नित्य संध्याकाल में पाठ करें।
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कर्क राशी:- आपके लिए यह माह सामान्य की अपेक्षा कुछ अच्छा रहेगा। उचित निर्णय एवं कठोर परिश्रम से स्थितियाँ अनुकूल होती नजर आएंगीं। नौकरीपेशा व्यक्तियों को अपने सहकर्मचारियों से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। जो लोग व्यापार में संलग्न हैं, उन्हे मनोनुकूल लाभ प्राप्ति के अवसर उपलब्ध होते रहेंगें। दलाली कार्य से संबंधित व्यक्तियों को लाभ में कमी की वजह से मानसिक चिन्ता एवं खिन्नता का शिकार होना पडेगा। किन्तु किसी ऎसे नवीन व्यक्ति से सम्पर्क अवश्य होगा,जिससे कि आप आगे भविष्य में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आध्यात्मिक पक्ष में दृ्डता आएगी। 16 अक्तूबर के पश्चात अचानक से पारिवारिक दायित्वों में व्यस्तता बढेगी। 22 से 27 तारीख के मध्य उतर दिशा की ओर यात्रा का प्रबल योग बन रहा है। त्वरित लाभ की आशा रखने वाले व्यक्तियों के लिए इस माह शेयर मार्कीट से पूरी तरह से दूरी बना कर रखना ही हितकारी रहेगा अन्यथा अकस्मात आपको अपनी सामर्थ्य से बढकर हानि का सामना करना पड जाएगा।
शुभ दिवस:- 1,4,9,11,14,15,28,29
अशुभ दिवस:-6,8,16,19,20,22,27
उपाय:- घर में एक तुलसी का पौधा लगाएं। अपने भोजन में से नित्य गौ ग्रास निकालें। "श्री चंडिका स्त्रोत्र" का पाठ करें।
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सिँह राशी:- इस महीने के पूर्वार्ध में अधिकांशत: शरीर में आलस्य और प्रमाद ही हावी रहेगा। काम काज के दायरे संकुचित हो सकते हैं। सामाजिक जीवन में भी किसी शुभचिन्तक से बिगाड की संभावनाएं बन रही हैं। व्यावसायिक अनुबंधों को किन्ही व्यक्तिगत कारणों से ठुकराना पड़ सकता है। अधीनस्थ कर्मचारियों एवं घर के नौकर चाकरों के प्रति व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिलेगा, क्रोध की मात्रा बढेगी। माह बीतते बीतते आप स्वयं महसूस करेंगें कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जमकर कार्य करने का मानस ही जीवन में सफलता दिला सकता है, बस तभी से यानि 22 तारीख के पश्चात कुछ राहत मिलनी आरम्भ होगी, फिर भी आय की अपेक्षा व्यय थोडा अधिक ही रहेगा। किन्तु काम और प्रयास आप पर छाने लगेंगें। किसी अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय का विचार भी मन में आ सकता है। मासान्त तक किसी सुखद घटना के फलस्वरूप आप अपने संघर्ष को विस्मृत कर लेंगे।
शुभ दिवस:- 4,7,9,22,23,27,29,30
अशुभ दिवस:-3,8,12,13,16,18,20,21
उपाय:- "ॐ अभीष्टसिद्धिं मे देहि शरणागतवत्सलं ॐ" मन्त्र का जाप करें। मंगलवार के दिन किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराते रहें।
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कन्या राशी:- व्‍यक्तिगत रूप से आपके लिए यह माह विशेष शुभ फलदायी रहने वाला है। पिछले कुछ उलझे हुए मसले अब सुलझने लगेंगें और समस्याओं के हल भी सामने दिखाई देंगें। शुक्र देव आपके लिए अत्यन्त लाभकारी स्थिति में हैं और कुछ स्थानों पर आपकी वरियता बनाए रखना चाहते हैं। यदि आप अपने जन्मस्थान से दूर हैं तो जन्मस्थान की ओर यात्राएं अधिक करेंगें। आपके लिए स्थान परिवर्तन का योग निर्मित हो रहा है। पारिवारिक एवं व्यवसायिक तौर से समय पूर्णरूप से लाभदायक रहेगा। यदि नौकरीपेशा हैं तो नियोक्ता एवं उच्चाधिकारियों से संम्बन्धों में सुधार होगा। किसी अतिरिक्त जिम्मेदारी का भार भी वहन करना पड सकता है। किन्तु 19 तारीख के पश्चात जीवनसाथी के साथ जहाँ एक ओर कुछ वैचारिक मतभेद रहेंगें तो वहीं दूसरी ओर उनका स्वास्थय भी प्रभावित करेगा। किसी गृ्होपयोगी वस्तु के क्रय हेतु धन का अतिरिक्त व्यय होगा। अपने आसपास भ्रमपूर्ण स्थितियों को न पनपने दें ओर किसी व्यक्तिविशेष के प्रति अपने मन में चल रहे अविश्वास को समाप्त करने के पूर्ण प्रयास करें, अन्यथा सम्बन्ध भंग होने का भय है। इस समय पर आपको यह भी ध्यान रखना होगा कि छोटी छोटी बातों को बडा करके न देखें। 19 से 26 तारीख के मध्य शेयर बाजार में किसी प्रकार का अल्पकालीक निवेश करने से यथासंभव बचें अन्यथा नुक्सान होना निश्चित जानिए।
शुभ दिवस:-5,6,10,14,15,17,29,30,31
अशुभ दिवस:-7,13,19,20,21,26
उपाय:- "श्री बजरंग बाण" का नित्य संध्याकाल के समय पाठ करते रहें। शनिवार सरसों तेल का छायापात्र दान करें।
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तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मीन राशीयों का अक्तूबर 2010 का भविष्यफल