मासिक भविष्यफल---अक्तूबर 2010

यह मासिक भविष्यफल जन्मराशि पर आधारित है । अत: सटीक फलादेश के लिए नामराशि की अपेक्षा अपनी जन्मराशि के अनुसार ही इसे पढें । यदि किसी को अपनी जन्मराशि की जानकारी नहीं है,तो,टिप्पणी अथवा ईमेल के जरिए अपना जन्मविवरण भेज कर अपनी राशि पता कर सकते हैं ।

तुला राशी:- सामान्यत: इस राशी के जातक स्वभाव से विनम्र, मिलनसार एवं जीवन में रसानंद को प्रमुखता देने वाले होते हैं, सामाजिक रूढियों के बन्धन से परे। लेकिन इस समय भाग्य भाव में केतु की स्थिति आपके स्वभाव में एक प्रकार की विचित्रता पैदा करने का प्रयास कर रही है। इस माह क्रोध वृ्द्धि, मानसिक चिन्ता तथा मन में खिन्नता हावी होने लगेगी। चिन्तन-मनन तथा सोच विचारकर मन के भीतर झाँककर ही आप इस स्थिति से मुक्त हो सकते हैं। वाहन चलाने में भी थोडा विशेष सावधानी रखें। आय व्यय की स्थिति बराबर बनी रहेगी। पूर्वार्द्ध की अपेक्षा माह का उतरार्द्ध कुछ बढिया व्यतीत होगा। विवाह आदि किसी आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा। नाते रिश्तेदार, सगे-संबंधियों से मिलकर मन प्रफुल्लित रहेगा। मान-प्रतिष्टा में वृ्द्धि होगी। पारिवारिक सदस्यों की तरफ से पूर्ण सहयोग मिलेगा। जो लोग बेरोजगार हैं, उन्हे अपने लिए आय का साधन खोजने में बहुत अधिक परिश्रम नहीं करना पडेगा। उनके लिए 21 तारीख के पश्चात आजीविका प्राप्ति का योग बन रहा है।

शुभ दिवस:- 4,5,13,21,23,24,25,30
 अशुभ दिवस:-2,6,7,8,10,12,13,18,29
 उपाय:- "श्री बटुक भैरव स्त्रोत्र" का पाठ करें। बृ्हस्पतिवार के दिन किसी पीली वस्तु का दान करें।
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वृ्श्चिक राशी:- इस माह जहाँ आप एक ओर अपनी दक्षता, काम का अभ्यास व आय को बढाने के जरियों की तरफ ध्यान देगें, वहीं पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति भी कृ्तसंकल्प होंगें। आप जिस स्थिर गति से काम कर रहे थे, उसमें बदलाव आएगा। यहाँ तक कि आप नौकरीपेशा हैं तो नौकरी में परिवर्तन या स्थान परिवर्तन की पूर्ण संभावना है। धन और धर्म दोनों ही विषयों के प्रति आपका रूझान होगा। यह समय आपकी शोभा व शान को पूर्णत: निखारेगा। 13 से 22 तारीख के मध्य का समय आपके लिए विशेष लाभदायक सिद्ध होगा। व्यक्तिगत व व्यवसायिक दोनों ही क्षेत्रों में आपसे फरमाईशे होंगी और दोनों ही स्तर पर आप पुरूस्कृ्त होंगें, व्यवस्तता आपको दोनो ही क्षेत्रों में महसूस होगी। किन्तु मासान्त किंचित मात्रा में स्वास्थय सम्बन्धी परेशानी देने वाला है, जल्दबाजी और जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास वाला मोड समाप्त होगा।

शुभ दिवस :- 1,6,13,14,15,18,21,22
अशुभ दिवस :- 3,8,17,27,28,31
उपाय:- अपने आराध्यदेव को नित्य प्रात: गुलाब पुष्पों की माला पहनाते रहें। "ॐ विश्वम्भराय नम:" मन्त्र का ऎच्छिक संख्या में नित्य जाप करें।
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धनु राशी:- इस माह का प्रारंभ तो आपके लिए सामान्य ही रहेगा किन्तु परिवार में किसी की अस्वस्थता से मन चिन्तित हो सकता है। महत्वपूर्ण क्षेत्रो में चल रहे प्रयत्न सार्थक होंगे। अनायास लाभ प्राप्ति का अवसर उपलब्ध होगा। किन्तु तारीख 2,9,13,18 को हड़बड़ी में कोई कार्य न करें अन्यथा आपकी विचार प्रक्रिया आपको आँख मूंदकर पैसा कमाने से लेकर गैर धार्मिक तरीकों को अपनाने के लिए उकसा सकती है। अवयस्कता पूर्ण व्यवहार पर नियंत्रण करें। 5,15,20,21,24 तारीखों को परिजनों के स्नेह से सुखद अनुभूति होगी।पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा, नजदीक की किसी यात्रा की योजना बन सकती है। भौतिक सुख-साधनों में व्यय की अधिकता रहेगी। जो लोग धातु, भूमी एवं विधुत संबंधी कार्यों में संलग्न हैं, उनके लिए आगामी मास में भरपूर लाभ प्राप्ति हेतु परिस्थितियों का निर्माण होने जा रहा है। अल्प अथवा दीर्घावधि, किसी भी तरह का निवेश आपके लिए हितकारी रहेगा।

शुभ दिवस:-5,8,15,20,21,24,29,31
अशुभ दिवस:- 2,9,13,16,18,23
उपाय:- मंगलवार के दिन गुड, चावल का दान करते रहें। अनामिका उंगली में चाँदी का छल्ला धारण करें। "श्री कनकधारा स्त्रोत्र" का पाठ करें।
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मकर राशी:- माह के आरम्भ में निजि साहस एवं पराक्रम से किये गये आपके सभी कार्यों में पूर्णता प्राप्त होगी। इसके फलस्वरुप इस माह में उत्तम आय प्राप्ति के भी उतम योग बने हुए है। नौकरी और कार्यक्षेत्र निश्चित ही ऎसे स्थान हैं, जहाँ आप स्वयं को अच्छी स्थिति में पाएंगें. इसके अलावा बोनस, अतिरिक्त लाभ अथवा अन्य सुखोपभोग के साधन की प्राप्ति पर भी मन प्रफुल्लित रहेगा। किसी को धन बहुत सोच समझकर ही उधार दें अन्यथा धन भी जाएगा ओर सम्बन्धों में भी बिगाड उत्पन होने का भय है। 23 तारीख के पश्चात अन्तिम सप्ताह पूरी तरह से चिन्तामुक्ति तथा किसी शुभ समाचारप्राप्ति को दर्शा रहा है। आपके सम्पर्क में किसी ऎसे नवीन व्यक्ति का आगमन होने वाला है, जिससे कि आप निकट भविष्य में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आपका आत्मविश्वास व बैंक बैलेंस दोनों ही उतरोत्तर बढने लगेंगें।

शुभ दिवस :- 4,5,10,16,23,24,29,31
अशुभ दिवस:-1,6,9,11,17,21,28
उपाय:- "ॐ कपालिभैरवाय नारसिंहीशक्ति सहिताय नम:" मन्त्र का जाप करें। शनिवार काले उडद, सरसों तेल का दान करते रहें।
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कुम्भ राशी:- इस माह की ग्रह स्थिति पूर्ण रूप से आपके हित में नहीं है। कार्य-व्यवसाय, आजीविका के क्षेत्र में आंशिक सफलता से ही संतोष करना होगा। विलासपूर्ण सामग्री, कार्यों आदि पर धन का भरपूर व्यय होगा। तारीख 14 से सूर्यदेव के अपनी नीच राशी में आगमन पश्चात आपको खर्चे एकदम से आसमान छूते नजर आएंगें, जो कि आपके लिए तनाव का कारण बनने वाला है। रक्त दोष अथवा ज्वर इत्यादि शारीरिक कष्ट से परेशानी हो सकती है। संतान व मान प्रतिष्ठा को लेकर किसी से विवाद बढ़ाना हित में नहीं होगा। आय की नियमितता अवश्य बनी रहेगी। लेकिन आपको अपने अन्दर एक बेचैनी का अनुभव होता रहेगा, क्योंकि आप किसी कार्य विशेष को जल्दी से जल्दी कर देना चाहते हैं, किन्तु वर्तमान परिस्थितियाँ इसमें पूर्णत: बाधक सिद्ध हो रही हैं। यह एक तरह से आपके अधैर्य का ही नतीजा है। इस माह में 23 से 29 तारीख के मध्य का समय ही आपके लिए पूरी तरह से अनुकूल रहने वाला है। आप व्यवसायिक व व्यक्तिगत दोनों ही क्षेत्रों के धरातल पर सहयोगात्मक रूप से आगे बढ सकेंगें। निष्कर्ष रूप में इस माह धन सम्बन्धी मामले ही आपके आकर्षण एवं सोच के मुख्य केन्द्र रहेंगें।

शुभ दिवस :-1,3,10,20,23,25,26
अशुभ दिवस :- 8,12,14,15,16,21,30
उपाय :- भगवान गणपति को नित्य मोदक का भोग लगायें। "ॐ नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृ्थिवी मनु: ये अन्तरिक्षेदिवितेभ्य: सर्पेभ्यो नम:!! ॐ तक्षकेश्वराय नम:" मन्त्र का जाप करें।
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मीन राशी:- यह महीना अशुद्ध गोचर के कारण पूर्वार्ध में आपके स्वास्थ्य को किंचित रूप में प्रभावित करेगा। अजीर्ण, वायु विकार इत्यादि की शिकायत रहेगी, व्यर्थ की भागदौड बढ़ जाने से अथवा अनावश्यक कार्यो के दबाव से हाथ पैरों की पीड़ा भी व्यथित करेगी। यह समय सचमुच आपके लिए बहुत व्यस्त रखने वाला है, क्योंकि सभी चीजें एक साथ आपसे समय और ध्यान देने की माँग करेंगी। लम्बी दूरी की यात्रा आदि में सावधानी आवश्यक है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए कईं प्रकार की योजनाओं पर विचार केन्द्रित रहेगा, परन्तु उनमें से किसी भी योजना के किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकने से मन में खिन्नता रहेगी। 20 अक्तूबर से मंगल देव अपनी स्व राशी(भाग्य भाव) में प्रवेश करेंगें। फलत: विचारों में बदलाव आएगा शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक चिन्ताओं से मुक्ति के उपाय कारगर होंगे। संतोषजनक धन की प्राप्ति होने से आर्थिक क्षेत्र में भी सुख शांति कायम रहेगी। मासान्त तक आपको पूर्व में किए गए प्रयासों के शुभ परिणाम मिलने लगेंगें। शेयर आदि मे पूंजी निवेश से यथासंभव बचें अन्यथा पैसा हाथ से हवा की मानिन्द निकल जाएगा।

शुभ दिवस:- 7,11,17,21,28,30,31
अशुभ दिवस:- 2,4,5,15,16,22,26
उपाय:- चाँदी का गोलाकार सिक्का हमेशा अपने पास रखें। किसी वृ्द्ध कर्मकांडी ब्राह्मण बृ्हस्पतिवार के दिन पीला अंगवस्त्र दान करें। नित्य "ॐअहिर्बुध्यन्याय नम:" मन्त्र का जाप करें
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