मासिक राशिफल----मई 2010

मेष राशि:-आपके लिए माह का प्रारम्भ सभी दृ्ष्टियों से शुभ रहेगा। कोई नई योजना सफलीभूत हो सकती है,आपके द्वारा निर्णय लेने में की गई जरा सी भी देरी आपको बाद में हाथ मलने पर विवश कर सकती है। पारिवारिक जीवन अत्यंत सुख एवं शान्तीपूर्वक व्यतीत होगा। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा मन में आध्यात्मिकता के भाव जागृ्त करेगी। मन प्रफुल्लित रहेगा। आर्थिक पक्ष भी सुदृ्ड रहेगा। किन्तु माह का मध्य भाग तारीख 13 से 19 के मध्य थोडा मानसिक अशांती,क्रोध एवं किसी विषय में दुविधापूर्ण स्थिति निर्मित करने वाला है। किसी महत्वपूर्ण योजना में घर के बडे-बुजुर्गों की सलाह ले लेना आपके लिए हितकारी रहेगा। किसी पारिवारिक सदस्य की रोग व्याधी पर धन का अपव्यय होगा। माह का अन्तिम भाग पुन: आपके लिए शुभफलदायी स्थितियों को लेकर आएगा। मित्र,सगे सबंधियों से मेल मिलाप बढेगा।
शुभ तिथियाँ:-2,4,5,7,9,10,11,23,25,29,30
अशुभ तिथियाँ:-6,13,15,16,18,19,20
उपाय:-ॐ नम: गणेश विघ्नेश गिरिजा नंदन प्रभु मम विध्न विनाशाय गणाधिपतये नम:मंत्र का जाप करें। प्रत्येक सोमवार के दिन जल अथवा दूध का दान करते रहें।
वृ्षभ राशि:-आपके लिए पूरा माह अनुकूलताओं से भरा रहेगा। घर परिवार,आस-पडोस,नाते-रिश्तेदार,शत्रु,मित्र इत्यादि सब ओर से माहौल पूर्णत:अनुकूल रहेगा। पिछले कुछ समय से चली आ रही किसी पारिवारिक समस्या का उचित समाधान निकल आएगा। किसी परिचित की धन अथवा किसी प्रकार से सहायता करने का सुयोग बनेगा। यदि किसी प्रकार की स्थायी सम्पत्ति खरीदने की योजना बन रही हो तो उसके लिए यह समय पूर्णत: उपयुक्त है। किसी से प्रेम प्रसंग चल रहा हो तो उसके प्रति थोडी सावधानी रखनी होगी अन्यथा मानहानि का भय है। माह मध्य में किसी यात्रा का कार्यक्रम बनेगा किन्तु ऎसा भी संभव है कि किसी कारणवश अचानक से यात्रा स्थगित करनी पड जाए। 23 से 26 तारीख के मध्य किया गया किसी भी तरह का निवेश निकट भविष्य में भरपूर लाभ प्रदान करेगा।
शुभ तिथियाँ :-1,5,11,17,18,21,23,26,28,29
अशुभ तिथियाँ :-3,12,22,24,27,30,31
उपाय:-श्री शिव सहस्त्रनाम स्त्रोत्र का नित्य पाठ करें। दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में फिरोजा रत्न धारण करें।
मिथुन राशि:-व्‍यावसायिक दृष्टिकोण से यह माह आपके लिए मिश्रित फलदायी रहेगा। आप व्‍यावसायिक विस्‍तार की योजना बनाकर नए लोगों को जोड़ना चाहते हैं,जिनमें से कुछ आपके साथ जुड़ेंगे और उनका कार्य–संपादन आपको ऊंचे व्‍यावसायिक लेन–देन की ओर उन्‍मुख कर देगा। यदि आप नौकरीपेशा हैं तो आपसे जुड़ने वाले सभी लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। मान-प्रतिष्‍ठा में वृद्धि होगी और पद संबंधी कोई नवीन जिम्‍मेदारियां आपको सौंपी जा सकती है। इलैक्‍टानिंक वस्‍तुएं तथा अन्य सुखोपभोग की सामग्री पर व्यय करना पडेगा। साथ ही भूमि के क्रय–विक्रय से जुड़े मामलों में भी लाभ के योग हैं। आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत बनी रहेगी। वित्त,लेखन एवं कला क्षेत्र से जुडे व्यक्तियों को विशेष मान-सम्मान प्राप्त होगा। पुराने किसी निवेश से भी लाभ प्राप्ति की संभावनाएं बन रही हैं। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह माह कुछ विशेष लाभदायक सिद्ध होगा।
शुभ तिथियाँ:-1,6,11,16,19,25,27,31
अशुभ तिथियाँ:-8,10,18,22,26,30
उपाय:-ॐ नारायणाय सुरसिंहासनाय नम:मंत्र का जाप करें। घर में "श्याम तुलसी" का पौधा लगाएं
कर्क राशि:-यह माह आपके लिए अत्यधिक व्यवस्तताओं से भरा होने वाला है। व्यापारिक मामलों में बहुत सोच विचार कर के ही कोई निर्णय लें।पारिवारिक दायित्वों की भूलकर भी उपेक्षा न करें। जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद की स्थिति अधिकांशत:निर्मित होती ही रहेगी। आय के साधनों में भी अस्थिरता का योग बन रहा है। अत: कार्यांतर का यदि किसी प्रकार का कोई विचार मन में पनप रहा हो तो उसे आगे भविष्य हेतु स्थगित करना ही श्रेयष्कर रहेगा अन्यथा लाभ की अपेक्षा हानि ही उठानी पडेगी।धार्मिक क्रियाकलापों को लेकर मन में थोडी अरूचि रहेगी। 14 से 20 तारीख के मध्य वाहन चलाने में थोडी विशेष सावधानी बरतें। माह का अन्तिम भाग कुछ हितकारी रहेगा। किसी सगे-संबंधी,नजदीकी मित्र अथवा किसी पुराने सहयोगी की ओर से किसी प्रकार का सहयोग प्राप्त होगा। सभा समारोह अथवा मांगलिक कार्यों में सम्मिलित होने का योग बनेगा।
शुभ तिथियाँ:-13,21,22,25,26,29,31
अशुभ तिथियाँ:-6,8,10,11,14,17,18,19
उपाय:-बुधवार के दिन अपने वजन के दशांश तुल्य कोई मोटा अनाज यथा मक्का इत्यादि दान करें।श्री हनुमाष्टक स्त्रोत्र का नित्य पाठ करें।
सिँह राशि:-इस महीने के पूर्वार्ध में अधिकांशत: शरीर में आलस्य और प्रमाद ही हावी रहेगा। इस दौरान या तो आप यात्रा में रहेंगे या कहीं पर अवकाश लेकर स्वास्थ्य लाभ करेंगे। काम काज के दायरे संकुचित हो सकते हैं। सामाजिक जीवन में भी किसी शुभचिन्तक से बिगाड की संभावनाएं बन रही हैं। व्यावसायिक अनुबंधों को किन्ही व्यक्तिगत कारणों से ठुकराना पड़ सकता है। अधीनस्थ कर्मचारियों एवं घर के नौकर चाकरों के प्रति व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिलेगा, क्रोध की मात्रा बढेगी। महीने के मध्य भाग से कुछ राहत मिलनी आरम्भ होगी फिर भी आय की अपेक्षा व्यय थोडा अधिक रहेगा। किसी अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय का विचार भी मन में आ सकता है। मासान्त तक किसी सुखद घटना के फलस्वरूप आप अपने संघर्ष को विस्मृत कर लेंगे।
शुभ तिथियाँ:-4,5,7,9,26,27,29,30
अशुभ तिथियाँ:-3,8,12,13,16,18,21,22
उपाय:-शनिवार के दिन नारियल का दान करें। मंगलवार किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराते रहें।
कन्या राशि:-इस महीने का प्रथमार्द्ध आपको बहुत सावधानी से व्यतीत करना होगा अन्‍यथा बहुत कीमती किसी संबंध को आप खो देंगे। आपकी स्‍वयं की कोई गलती आपके लिए तकलीफदेह/हानि/परेशानी का कारण बन जाएगी। आपकी बातों से कोई मन ही मन परेशान हो सकता है। आपको चाहिए कि व्‍यवसाय की बातें व्‍यक्तिगत संबंधों में न लाएं। जीवनसाथी से भी बहुत कहासुनी हो सकती है। आप अपनी ही कार्यप्रणाली के जाल में उलझने लगेंगे और काम इकट्ठा होता जाएगा। किन्तु 15 मई के पश्चात स्थितियों में परिवर्तन देखने को मिलेगा। वाणी का कौशल आपको पुरानी स्थितियों से उबार कर बाहर ले आएगा और आप नए संबंधों की मजबूत आधारशिला पर व्‍यवसाय को आगे बढ़ाएंगे। 22 से 27 मई के मध्य का समय विशेष लाभदायक सिद्ध होगा।
शुभ तिथियां:-2,6,17,22,24,25,26,27
अशुभ तिथियाँ:-3,4,7,8,10,13,14,20,21
उपाय:-माता-पिता के नित्य प्रात: चरण स्पर्श करें। पक्षियों को बाजरा डालें। बुधवार के दिन पौधारोपण करें।
तुला राशि:-इस माह समय का दौर कुछ इस प्रकार का रहेगा कि जिस काम की आप दूसरों से अपेक्षा रखते हैं वही अपेक्षा आपके ऊपर भी लोग रख रहे हैं। यह सब सन्तुलन बैठाने के लिए आपको महीने के पूर्वार्द्ध् में कुछ मानसिक हलचल या दिमागी परेशानी का सामना करना होगा। किन्तु जो लोग फुटकर या रिटेल कारोबार कर रहे हैं,विशेषतय:अनाज,लोहा,सीमेंट के क्षेत्र अथवा निर्माण कार्यो के क्षेत्र से जुड़े हैं उनके लिए समय कुछ लाभकारी रहेगा। वस्त्र,वाहन,मैडिकल एवं आयात-निर्यात के क्षेत्र से जुडे लोगों के लिए समय किंचित हानि परेशानी वाला है। किन्तु मास के अन्तिम दिनों में किसी चिरस्थायी लाभ की आशा मन में व्याप्त रहेगी। शुभ मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन,समवयस्क लोगों से मित्रता एवं मेल मुलाकात का हर्ष भी प्राप्त होगा। पेट सबंधी किसी रोग-व्याधी के प्रति सचेत रहें।
शुभ तिथियाँ:-1,10,14,15,16,19,30
अशुभ तिथियाँ:-:-9,16,18,20,26,29
उपाए:-मांस-मदिरा से परहेज रखें,बृ्हस्पतिवार को मंदिर में चने की दाल तथा गुड चढाएं।
वृ्श्चिक राशी:-इस राशि के लिए माह का प्रथम अर्द्ध विशेष लाभकारी है। शिक्षा प्रतियोगिता की दिशा में चल रहा प्रयास सफल होगा। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगें और स्वास्थ्य में सुधार भी होगा। ख्याति लाभ के अवसर प्राप्त होगें। शुभ विचार उत्पन्न होने से मन प्रसन्न रहेगा। धन आगमन का कोई नया मार्ग बनेगा। उपहार व सम्मान का लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में अनावश्यक कलह से बचें। तामसिक पदार्थों का भूलकर भी सेवन न करें। मनोरंजन के साधनों पर अत्यधिक व्यय करना पडेगा। सुख के साधनों में वृद्धि होगी। 10 मई के पश्चात अचानक यात्रा का योग बन रहा है। संतान को शारीरिक कष्ट होने की सम्भावना है,ध्यान रखें। साथ ही माह के उत्तरार्द्ध में अपने स्वयं के स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहना होगा अन्यथा मासान्त रोग बीमारी में ही व्यतीत होगा।
शुभ तिथियाँ:-10,18,19,20,25,26,27
अशुभ तिथियाँ:-2,3,4,11,12,16,30,31
उपाय:-घर में प्रात: एवं सायं काल को नित्य शुद्ध घी का दीपक जलाएं
धनु राशि:-आप के लिए यह माह विचित्र परिस्थितियों का निर्माणकर्ता सिद्ध होने जा रहा है। जहाँ एक ओर आप जीवन क्षेत्रों में संघर्ष करते नजर आएंगे,वहीं दूसरी तरफ व्‍यापार–व्‍यवसाय में भरपूर वृद्धि के योग बन रहे हैं। आपकी प्रतिष्‍ठा पराकाष्‍ठा पर होगी और बहुत सारे लोग आपसे मिलने के लिए उत्‍सुक होंगे। अति उत्साह इस माह हेतु आपके लिए मुख्‍य अस्‍त्र होगा और वही आपकी सफलता के रास्‍ते तय करेगा। कलात्‍मक एवं सृ्जनात्मक कार्यों में बहुत रुचि लेंगे। चन्द्रमा तथा मंगल इन दोनों ग्रहों का आश्लेषा नक्षत्र में योग होने के फलस्वरूप 19-20 मई के दिन आपके लिए किन्ही विशेष स्थितियों के निर्माणकर्ता सिद्ध होंगे। आगामी भविष्य हेतु कोई लाभदायक स्थिति निर्मित होने लगेगी। नौकरी में पदवृद्धि अथवा व्‍यापारिक लाभ बढ़ने के पूर्ण योग है।
शुभ तिथियाँ:-6,13,17,19,20,23,25,30,31
अशुभ तिथियाँ:-3,8,11,16,26,28
उपाय:-मंगलवार श्री हनुमान जी को सिन्दूर तथा लाल पुष्प चढाएं।
मकर राशि:-परिवार में किसी की अस्वस्थता से मन चिन्तित होगा। महत्वपूर्ण क्षेत्रो में चल रहे प्रयत्न सार्थक होंगे। राजनैतिक सक्रीयता बढ़ेगी। शासन-सत्ता के व्यक्तियों से लाभ के अवसर प्राप्त होगा। तारीख 3,8,13,18 को हड़बड़ी में कोई कार्य न करें। अवयस्कता पूर्ण व्यवहार पर नियंत्रण करें। 6,15,20,22,24 तारीखों को परिजनों के स्नेह से सुखद अनुभूति होगी। पारिवारिक वातावरण सौहार्दपूर्ण रहेगा,लंबी दूरी के यात्रा की योजना बन सकती है। भौतिक सुख-साधनों में व्यय की अधिकता रहेगी। जो लोग धातु एवं विधुत संबंधी कार्यों में संलग्न हैं,उनके लिए आगामी मास में भरपूर लाभ प्राप्ति हेतु परिस्थितियों का निर्माण हो रहा है।
शुभ तिथियां:-6,9,15,20,22,24,29
अशुभ तिथियां:-3,8,13,16,18,23
उपाय:-प्रत्येक सोमवार सफेद चंदन की लकडी मंदिर में चढावें।
कुम्भ राशि:- पूर्वार्ध में स्वास्थय अच्छा रहेगा, परन्तु उत्तरार्ध में किसी रोग का सामना करना पडेगा। उदर पीडा,शिरोव्यथा,अपच इत्यादि व्याधी से कष्ट संभव है। मित्रों का विशेष सहयोग प्राप्त होगा। किसी नवीन कार्य की योजना फलीभूत हो सकती है। पराक्रम में वृ्द्धि होगी,भाग-दौड से लाभ मिलेगा। जो व्यक्ति विदेश जाने का प्रयास कर रहें हैं उन्हे अपने प्रयत्नों में सफलता प्राप्त होगी। प्रथम पक्ष में विशेष रूप से 1 से 16 तक धनागमन के नए स्त्रोत उत्पन्न होंगे,मन में शुभ विचारों का उदय होगा। नौकरीपेशा लोगों हेतु सलाह है कि उच्चाधिकारियों से संतुलित संभाषण ही अनके लिए हितकर रहेगा,अन्यथा परेशानी का सामना करना पड सकता है। गुप्त शत्रुओं से पूर्णत: सचेत रहें। तारीख 21,22,23 को धनहानि,चोरी,दुर्घटना के प्रति सतर्क रहें।
शुभ तिथियां:-1,2,5,14,15,16,27,30
अशुभ तिथियां:-6,7,8,18,21,22,23
उपाए:-नित्य संध्या वेला में श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। भगवान सूर्यदेव को जलार्पण करें।
मीन राशि:-यह महीना कारोबार में वृद्धि के लिए विशेष लाभकारी रहेगा। नौकरी पेशा लोगो को भी छिटपुट लाभ के अवसर मिलेंगे। किसी अन्य माध्यम से धन मिलने की आशा रहेगी। महीने के उत्तरार्ध में एक साथ कई कामों को आरंभ करने की उतावली रहेगी। यह भी सम्भव है कि लाभ की लालसा में कुछ हानिकारक कार्य भी आपके द्वारा हो सकते हैं। थोडा संभलकर चलने की आवश्यकता है। मास का अंतिम सप्ताह मन में शांति प्रदान करेगा क्योंकि इसी अवधि में आपके व्यवहार सम्बन्धी समस्याओं में कमी आएगी और आप अपनी कार्य दक्षता के आधार पर किसी बड़ी समस्या को हल कर लेंगे। पिछले मास की तरह ही इस महीने भी भागदौड लगी रहेगी तथा यात्राएं अनावश्यक व्यय का कारण बनती रहेंगी।
शुभ तारीखें:-2,8,18,24,27,28
अशुभ तारीखें:-3,7,19,21,26,31
उपाय:-प्रत्येक सोमवार दूध अथवा चावल का यथासामर्थ्य दान करें। शरीर पर सोना अवश्य धारण करें।