27 जनवरी के पश्चात मौसम में हल्का सा सुधार किन्तु प्रबल शीतलहर से पूर्ण मुक्ति 6 फरवरी के बाद ही.........

संसार में कोई भी व्यक्ति,पदार्थ, जीव इत्यादि आकाशमंडल में भ्रमण कर रहे ग्रहों से अछूता नहीं हैं। सभी कही न कहीं किसी न किसी रूप में इन भ्रमणशील ग्रहों की क्रिया प्रतिक्रिया का परिणाम भी भोग रहे हैं। बल्कि यूँ कहे कि समय के पथ पर निरन्तर गतिमान इन पिंडों के माध्यम से प्रकृ्ति निरन्तर अपने कार्यों को अंजाम देने में लगी हुई है ओर इसमें एक ज्योतिषी का कार्य सिर्फ इतना भर है कि वो अपने ज्ञान और अनुभव के जरिए समय के गर्भ में झाँकने का प्रयास करता है---जिसमें सफलता का सम्पूर्ण श्रेय इस विद्या को जाता है ओर यदि कभी वो अपने प्रयास में असफल रहता है तो दोष उसके ज्ञान, दृ्ष्टि अथवा अनुभव को दिया जाना चाहिए।
जैसा कि ये बात मैं अपनी पिछली पोस्ट में भी कह चुका हूँ कि किसी भी अन्य विषय के जानकार की भान्ती ही ज्योतिष के जानकार की भी एक सीमा निश्चित है। इस सीमा के अन्दर ही ज्योतिषी को ज्ञान होगा। यदि मैं अपनी बात करूँ तो मुझे ये स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है कि जितनी सहजता, सटीकता और आत्मविश्वास से मै किसी व्यक्ति विशेष के बारे में फलादेश(prediction) कर पाता हूँ। उतना सहज मैने अपने आपको सामाजिक,राजनैतिक अथवा प्राकृ्तिक घटनाक्रम(मौसम,भूकम्प इत्यादि) की भविष्यवाणी करने में कभी भी नहीं पाया। इसका एक कारण तो ये है कि आज तक मेरा सारा ध्यान व्यक्तिगत भविष्यकथन पर ही केन्द्रित रहा ओर दूसरा इससे इतर अन्य विषयों हेतु जितने अध्ययन,अन्वेषण की आवश्यकता है, अपनी अति व्यस्त जीवनचर्या के रहते उतना समय भी कभी निकाल नहीं पाया। किन्तु अब मन में विचार आ रहा है कि क्यों न अपने अध्ययन,अन्वेषण के दायरे को बढाकर ज्ञान को थोडा ओर विस्तार दिया जाए।

इसी कौशिश में आने वाले कुछ दिनों की ग्रह गोचर स्थिति के पडने वाले प्रभावों का एक बेहद सूक्ष्म सा आंकलन कर रहा हूँ। निवेदन है कि यदि मेरा ये आंकलन गलत सिद्ध होता है तो इसके लिए ज्योतिष विद्या को दोष न देते हुए मेरी अपनी कमी समझा जाए।  

आज 24 जनवरी को सूर्य का श्रवण नक्षत्र में प्रवेश होकर शुक्र के साथ एकनक्षत्र संबंध बन रहा है। जिससे कि एक बार पुन: चीनी, गुड इत्यादि पदार्थों में तेजी का रुख निर्मित होने लगेगा। विगत दिनों कृ्षि मन्त्री शरद पवार जी द्वारा किया गया ये दावा कि जल्द ही खुदरा मार्किट में चीनी के दाम कम होने लगेंगें-----पूरी तरह से मिथ्या साबित होने जा रहा है।
साथ ही चल रही प्रबल शीतलहर से भी अभी पूर्णत: मुक्ति मिलने का कोई योग नहीं है। 27 जनवरी तक धुंध का वातावरण यथावत बना रहेगा। 27 तारीख से मौसम में हल्का परिवर्तन देखने को मिलेगा। घना कोहरा, धुंध तो जरूर कुछ छंटने लगेगी किन्तु इस भयंकर शीतलहर से पूरी तरह से मुक्ति 6 फरवरी के बाद ही मिलने वाली है। आगे चलकर फरवरी 1,3,4,5 तथा 6 तारीख को हिमाचल प्रदेश, आसाम, शिलांग, अरूणाचल प्रदेश में अच्छी वर्षा के योग बन रहे हैं। इसके अतिरिक्त उपरोक्त तिथियों में अन्यत्र जगहों पर भी कहीं हल्की बून्दाबान्दी देखने को मिल सकती है।

व्यक्तिगत तौर पर जिन व्यक्तियों का कर्क, धनु अथवा कुंम्भ लग्न है, उन लोगों के लिए ये चार पाँच दिन(24 से 27 जनवरी) कुछेक कष्ट, परेशानी दायक रहने वाले हैं---मसलन उन्हे किसी मित्र के प्रति अथवा मित्र के कारण कुछ चिन्तित रहना होगा। कोई भी कार्य आसानी से नहीं बन पाएगा। अनेक प्रकार के व्यतिक्रम और व्यवधान का सामना करना पडेगा। संपादन, लेखन, प्रकाशन व मीडिया से जुडे कामो मे विवाद उठने  की संभावना रहेगी। उनके ये दिन कुछ एक अजीब सी कशमकश, तनाव और चिन्ता में ही व्यतीत होने वाले हैं।