शनि गोचर भ्रमण का विभिन्न राशियों पर प्रभाव (17 दिसंबर 2009 से 13 जनवरी 2010 तक)..

इस समय गोचर भ्रमण में शनि ग्रह मार्गीय गति से चल रहे हैं,जो कि दिनाँक 13 जनवरी 2010 तक मार्गीय अवस्था में ही रहेंगें । कल दिनाँक 17 दिसंबर को शनि ग्रह का हमारे मन के अधिपति चन्द्रमा के हस्त नक्षत्र में प्रवेश हुआ है। 
आईये जानते हैं कि इस स्थिति का उपरोक्त समयावधि(17/12/2009 से 13/01/2010) में विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव रहेगा।



मेष राशि:- आपके लिए षष्ठस्थ शनि उत्तम है । विद्यार्जन तथा धनार्जन में मनोनुकूल सफलता प्राप्त होगी । स्त्री-बच्चों तथा निकट संबंधीजनों से भावनात्मक सम्बंध प्रगाढ होंगें । चिकित्सा क्षेत्र से जुडे व्यक्तियों को कार्य व्यवसाय में विभिन्न तरह की परेशानियों का सामना करना पडेगा । जो लोग भ्रमण के कार्यों में संलग्न हैं, उनके लिए समय कहीं अच्छा व्यतीत होगा ।

वृ्ष राशि :- आपके लिए पंचंम शनि मध्यम फल कारक है । विद्या- संतान और दूरस्थ मित्रों के प्रति चिन्तित रहना होगा । कोई भी कार्य आसानी से नहीं बन पायेगा । स्वभाव में क्रोध की मात्रा बढेगी । जो लोग अभक्ष्य पदार्थों(माँस,शराब इत्यादि) का त्याग कर चुके हैं, उनका मन पुन: इन पदार्थो के प्रति लालायित होने लगेगा ।

मिथुन राशि:- आप लोगों के लिए चतुर्थस्थ शनि अशुभ फलदायी है । किसी भी प्रकार के ऋण के लेन-देन से यथासंभव बचना ही आपके लिए हितकारी रहेगा । गलत लोगों की संगति हानि का कारण सिद्ध होगी । व्यय की अधिकता रहेगी । फालतू की यात्राएँ करनी पडेगी तथा किसी स्वजन के प्रति मन मे शंका भाव जागृ्त होने लगेंगें ।

कर्क राशि:- आप लोगों के लिए तृ्तीयस्थ शनि लाभकारी है । बुद्धि में नवीनता का उदय होगा । किसी भी कार्य के लिए पुरूषार्थ पहले से कहीं अधिक करना पडेगा किन्तु सफलता निश्चित है । लाभ प्रदायी अवसरों की प्राप्ति होगी। मन में प्रफुल्लता रहेगी । भाई-बहिन और संतान पक्ष की ओर से शुभ समाचार सुनने को मिलेंगें । अतिथियों का आवागमन लगा रहेगा । जीविकोपार्जन की दृ्ष्टि से आपका समय सुखमय व्यतीत होगा ।

सिँह राशि :- आपके लिए द्वितीयस्थ शनि पूज्य है । आर्थिक लेन-देन से छवि धूमिल पडने लगेगी । मित्रों की ओर से खीँचतान लगी रहेगी । परिवार के किसी नौकरीपेशा सदस्य की उन्नति में बाधाएँ उत्पन होने लगेंगी । अक्सर रविवार की रात्रि में और सोमवार को प्रात:काल तमाम कष्ट, परेशानियाँ बढती हुई प्रतीत होंगी ।

कन्या राशि:- कन्या राशि के लिए प्रथम भाव स्थित शनि मध्यम फलदायी रहेगा । रोजी-रोटी की व्यवस्था में कुछ व्यवधान तो अवश्य उत्पन होंगे साथ ही व्यय भार भी बढने लगेगा किन्तु फिर भी इस प्रकार की कोई स्थिति निर्मित नहीं होगी, जिसे कि आप स्वविवेक से नियन्त्रित न कर सकें । परिवार में किसी माँगलिक कार्य के सम्पादन की योजना पर विचार विमर्श होगा।

तुला राशि:- आपके लिए गोचर शनि की यह स्थिति पूर्णत: उपयुक्त नहीं कही जा सकती । आय में कमी स्पष्ट रूप से दृ्ष्टिगोचर हो रही है । अपने किसी भाई अथवा वयोवृ्द्ध जन से मतभेद निर्मित होंगें । यात्राएँ कष्टकर सिद्ध होंगी । मानसिक चिन्ता, तनाव तथा मन में किसी अज्ञात भय/आशंका की उत्पत्ति होगी । अपनी कर्मनिष्ठा को सुरक्षित रखकर ही आप उपरोक्त वर्णित कष्टसाध्य स्थितियों से पार पा सकते हैं ।

वृ्श्चिक राशि:- आप लोगों के लिए ये स्थिति पूर्णत: कल्याणकारी है । मन और आत्मा की शक्ति सुदृ्ड बनेगी । व्यापारिक उदेश्य फलीभूत होंगे । मित्रों से मदद मिलेगी । नये कामों की ओर रूचि बढेगी । किसी महिला मित्र का सम्पर्क लाभवर्धक रहेगा। शारीरिक सुख में किन्चित कमी अवश्य रहेगी, वायु विकार की संभावना है ।

धनु राशि:- धनु राशि वालों के लिए ये शनि शुभ है । जीवनसाथी तथा बच्चों का परामर्श मानने में ही भलाई होगी । किसी भी विषय में दिया गया उनका परामर्श आपके लिए हितकारी रहेगा । किसी बाह्य विवाद की स्थिति में अपनी विजय निश्चित समझिए । दैनिक जीवन सुख पूर्वक व्यतीत होगा । घर के छोटे बडे सदस्यों का सहयोग मिलेगा ।

मकर राशि :- आप लोगों के लिए ये स्थिति मध्यम फलदायी है । आजीविका का समुचित साधन उपलब्ध रहेगा । परिवार के किसी बुजुर्ग व्यक्ति की आज्ञा मानकर चलने में भलाई होगी । आपके पद, अधिकार और कर्तव्यों की सुरक्षा यथावत रहेगी । अन्य सब प्रकार का वातावरण सामान्य रहेगा किन्तु नींद में कमी जरूर रहेगी ।

कुम्भ राशि:-आप लोगों के लिए अष्टम शनि की स्थिति मिश्रित फलदायी रहेगी । चलते फिरते पाँव, टखने, घुटने इत्यादि किसी अंग में चोट लगने का भय है । गुरूस्थल, धर्मस्थल अथवा कहीं तीर्थ भ्रमण का संयोग निर्मित होगा । आय यथावत रहेगी किन्तु खर्चों की अधिकता रहेगी । परिवार से इतर किसी बाह्य स्त्री से कष्टकर प्रभाव मिलेगा ।

मीन राशि:- आपके लिए सप्तम शनि पूज्य है, इसे कंण्टक शनि भी कहा जाता है । अत: स्वास्थय पर थोडा प्रतिकूल प्रभाव पडेगा । परिवार के वृ्द्धजनों को मानसिक एवं शारीरिक परेशानियों का सामना करना पडेगा । घर परिवार तथा कार्यक्षेत्र के मामलों में भाग दौड बढ जाएगी किन्तु उस भागदौड का आपको यथोचित लाभ भी प्राप्त होगा । आर्थिक स्थिति ओर अच्छी होने लगेगी ।